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दिल्ली लाल किला विस्फोट: डॉक्टर निकला संदिग्ध आत्मघाती हमलावर, CCTV ने खोली साजिश की परत


नई दिल्ली: 10 नवंबर 2025 की शाम, दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक सफ़ेद हुंडई i20 कार (HR 26CE7674) में हुए भीषण विस्फोट ने राजधानी को हिलाकर रख दिया। इस जघन्य आतंकी घटना में 9 से 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। केंद्र सरकार ने इसे एक सुनियोजित आतंकवादी घटना (Premeditated Terrorist Incident) करार देते हुए, जांच का जिम्मा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया है।


📹 CCTV फुटेज से खुला 'सुसाइड अटैक' का राज

जांच एजेंसियों को मिली सीसीटीवी फुटेज और तस्वीरों ने इस पूरी साजिश की टाइमलाइन (Timeline) को उजागर कर दिया है। फुटेज के अनुसार:

  • पार्किंग में एंट्री: संदिग्ध कार दोपहर 3:19 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास पार्किंग में दाखिल हुई।
  • तीन घंटे इंतजार: यह कार लगभग तीन घंटे तक पार्किंग में खड़ी रही, जो एक सोची-समझी योजना की ओर इशारा करता है।
  • निकलना और धमाका: शाम लगभग 6:30 बजे कार पार्किंग से बाहर निकली और ठीक 6:52 बजे सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल पर इसमें जोरदार धमाका हुआ।
  • इस टाइमिंग से यह संदेह गहरा गया है कि हमलावर ने किसी खास समय पर हमले को अंजाम देने की योजना बनाई थी।


👤 संदिग्ध हमलावर की पहचान: पुलवामा का डॉक्टर

जांच में सबसे बड़ा खुलासा कार चालक की पहचान को लेकर हुआ है।

  • पहचान: कार को चलाने वाले व्यक्ति की पहचान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉक्टर उमर उन नबी (Dr. Umar un Nabi) के रूप में हुई है।
  • पुष्टि: यह पहचान घटनास्थल से बरामद शव के टुकड़ों की डीएनए रिपोर्ट (DNA Report) से सुनिश्चित की गई है।
  • फुटेज में डिटेल्स: फुटेज में ड्राइवर को काला मास्क (Black Mask) पहने देखा गया था, जो उसकी पहचान छिपाने और शायद एक आत्मघाती हमलावर (Suicide Bomber) के तौर पर ऑपरेशन को अंजाम देने की मंशा को दर्शाता है।


🧪 विस्फोटक सामग्री और UAPA के तहत जांच

प्रारंभिक फॉरेंसिक जांच में विस्फोट के लिए अमोनियम नाइट्रेट (Ammonium Nitrate) जैसे उच्च शक्ति वाले विस्फोटक का उपयोग किए जाने का संदेह है। NIA ने अब इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, जिसमें वह आतंकी नेटवर्क, विस्फोटक की सप्लाई चेन (Supply Chain) और 'डॉक्टर' आतंकियों के इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस जघन्य कृत्य में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति जारी रहेगी।

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